प्रस्तुत पुस्तक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् द्वारा गठित चतुर्थ अधिष्ठाता समिति द्वारा प्रस्तावित पाठ्यक्रम तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित डिप्लोमा एवं डिग्री के पाठ्यक्रम को ध्यान में रखकर लिखी गई है| इस पुस्तक को आठ अध्यायों में लिखा गया है| प्रथम अध्याय में ऊर्जा के मुख्य आयामों एवं वर्तमान में नवीकरणीय ऊर्जा के भारतीय परिपेक्ष पर प्रकाश डाला गया है| द्वितीय अध्याय में सौर ऊर्जा का तापीय प्रक्रम बताया गया है| सौर तापीय विधि के आधुनिक उपयोग को भी सम्मिलित किया गया है| तृतीय अध्याय में सौर ऊर्जा से तापीय एवं फोटोवोल्टीय विधि द्वारा विद्युत उत्पादन पर प्रकाश डाला गया है| बायोगैस संयंत्रों के प्रकार, संरचना और उपयोग को चर्तुथ अध्याय में बताया गया हैं| कृषि अवशेषों से ऊर्जा उत्पादन तकनिकी को पंचम अध्याय बायोमास गैसीफायर में बताया गया है| षष्ठ अध्याय में पवन ऊर्जा के उपयोग, पवन मशीन के प्रकार एवं ऊर्जा आंकलन को सम्मिलित किया गया है| सप्तम अध्याय में जैव ईधन जिसमे एल्कोहल एवं जैव डीजल की उत्पादन विधि उनके लाभ के बारे में बताया गया है| अन्तिम अष्ठम अध्याय में ऊर्जा में आधुनिकतम स्त्रोतों के बारे में विस्तृत वर्णन किया गया है| प्रत्येक अध्याय के अंत में प्रश्न्वाली जिनमे वस्तुनिष्ट, रिक्त स्थान, सही/गलत एवं वर्णनात्मक प्रश्नों को सम्मलित किया गया है जो विद्यार्थी के लिए लाभदायक सिद्ध होंगे| पुस्तक में प्रत्येक महत्वपूर्ण भाग का सचित्र वर्णन किया गया है ताकि यह पुस्तक विद्यार्थियों के लिए ज्ञान वर्धक एवं अत्यन्त उपयोगी हो सके|




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